जानिए दशहरा कब और किस समय मनाया जाएगा
'हमसफर मित्र न्यूज'।
शारदीय नवरात्रि चल रही है और हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रुपों के पूजा हो रही है. हालांकि अब मां के पूजा में महज कुछ ही दिन बचे हैं और दशहरा बेहद करीब आ चुका है. दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है.
दशहरा दीवाली से ठीक 20 दिन पहले आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है.विजय दशमी का पर्व इस साल रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा. पितृपक्ष के बाद अधिकमास लगने की वजह से नवरात्र, दशहरा और सभी एक महीने देर से हो गई. 17 अक्टूबर से नवरात्रि का शुभारंभ होगा और 24 अक्टूबर को रामनवी के अगले ही दिन पूरे देश में दशहरे का पर्व मनाया जाएगा, दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत पर सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि दशहरा हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है. इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता. हर साल यह पर्व आश्विन मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है. पूरे देश में विजयादशी के दिन रावण के पुतले को फूंकने की परंपरा है.
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष दशहरा या विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है. इस बार ये तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 41 मिनट से शुरु हो रही है जो अगले दिन 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजे तक चलेगी. ऐसे में इस बार दशहरा या विजयादशमी का त्योहार 25 अक्टूबर दिन रविवार को मनाया जाएगा.
विजयादशमी की पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 12 मिनट से दोपहर 03 बजकर 27 मिनट तक है. इस दिन विजयादशमी का मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से दोपहर 02 बजकर 42 मिनट तक है. इस दिन भगवान राम, देवी अपराजिता तथा शमी के पेड़ की पूजा की जाती है.



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