दुसरों के गुणों को देख अपने अंदर गुणों को लाए - ज्योतिष कुमार - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Wednesday, August 12, 2020

 

       दुसरों के गुणों को देख अपने अंदर गुणों को लाए - ज्योतिष कुमार 

'हमसफर मित्र'। 

        ईश्वर ने हमको ज्ञान विज्ञान प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से दो इंद्रियाँ दी हैं - आंखें और कान।  इन दो इंद्रियों से हम बहुत कुछ ज्ञान विज्ञान प्राप्त करते हैं। यदि इन दो इंद्रियों से हम अच्छी चीजें देखें और सुनें तो हमारे अंदर बहुत सा उत्तम ज्ञान विज्ञान आ जाएगा। यदि इन दो इंद्रियों से बुरी बुरी चीजें देखें और सुनें, तो बहुत सी बुराइयां हमारे अंदर आ जाएंगी।

        जो बच्चे वर्षों तक टेलीविजन आदि के माध्यम से अच्छे दृश्य देखते और अच्छी बातें सुनते हैं, वे विद्वान और धार्मिक बन जाते हैं। परंतु *जो बच्चे लंबे समय तक टेलीविजन आदि के माध्यम से बुरे दृश्य देखते और बुरी बातें सुनते हैं, वे गलत चीजें सीख जाते हैं।  ऐसे बच्चे बड़े होकर चोर डाकू लुटेरे आतंकवादी क्रूर अन्यायकारी एवं दुष्ट  बन जाते हैं।इसलिए जीवन निर्माण के इस विज्ञान को ठीक प्रकार से समझें। आज जो देश और संसार भर में बच्चों तथा बड़ों का जीवन बिगड़ रहा है, उसका रहस्य यही है।

       वेदों में लिखा है, भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः।। अर्थात् हम लोग आंखों से अच्छे दृश्य देखें और कानों से अच्छी बातें सुनें। क्यों ? इसके पीछे बड़ा भारी मनोविज्ञान है।

        वह यह है कि हम आंखों से जैसा दृश्य (अच्छा या बुरा) देखते हैं वैसा ही प्रभाव आंखों से होता हुआ हमारे मन पर जा पड़ता है, और वह मन से होता हुआ, हमारी आत्मा तक पहुंच जाता है। यही स्थिति कानों से अच्छा या बुरा सुनने पर भी होती है। इस विज्ञान के कारण यदि हम आंखों से अच्छे दृश्य देखेंगे, तो उसका मन पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। वही अच्छा प्रभाव आत्मा तक जाएगा, जिससे आत्मा में शांति प्रसन्नता आनंद उत्पन्न होगा। अब इसको उल्टा करके देखिए। यदि आंखों से बुरा दृश्य देखेंगे, तो उसका प्रभाव आंखों से होता हुआ मन पर पहुंचेगा, और वही फिर आत्मा तक भी पहुंच जाएगा। उससे आत्मा में अशांति अप्रसन्नता दुख चिंता तनाव आदि उत्पन्न होंगे। अब आप सोच लीजिए, कि आप सुखी होना चाहते हैं या दुखी? अच्छे बनना चाहते हैं या बुरे? 

       यदि आप अच्छे व्यक्ति बनना चाहते हैं, और ठीक इस विज्ञान के अनुसार, दूसरों के गुणों पर ध्यान देंगे, तो आपके अंदर वे गुण आ जाएंगे। परिणाम ? आपका जीवन सुधर जाएगा। इसके विपरीत, यदि आप दूसरों के दोषों को देखेंगे, तो आपके अंदर उनके दोष आ बैठेंगे। परिणाम ? आपका जीवन नष्ट हो जाएगा। 

          इसलिए अपने जीवन की रक्षा करें। दूसरों के उत्तम गुण कर्मों को देखें और सुनें। उनके दोषों को देखने तथा सुनने से भी बचें। 

(ज्योतिष कुमार सबका संदेश डांट काम)

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